क्राइम

#Barabanki: किशोरी की हत्या के मामले में पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने पर आया नया मोड़ 

सूरतागंज बाराबंकी। थाना क्षेत्र में एक किशोरी की शुक्रवार की रात मौत के मामले में नया मोड़ आने लगा है। इस वारदात के पीछे क्या अपनों का हाथ हो सकता है जिससे सम्बंधित पुलिस को ऑडियो भी धीरे करके हाथ लगने लगे है। इसके अलावा अन्य कई और सुराग भी हाथ लगे है जिसे लेकर वह असली गुनहगारों से पूछताछ करेगी। जबकि किशोरी के शव पोस्टमार्टम रिपोर्ट में हैंगिग की पुष्टि हुई है, हालाँकि पुलिस फिलहाल इस बिंदु पर गहेंता के साथ जाँच कर रही है, कि किशोरी के साथ ऐसा क्या हुआ वो नाबालिग उम्र में ही इस वारदात की सुई अब अपनों के इर्द गिर्द पहुँच गयी। जिसका खुलासा आखिरकार पुलिस कब तक कर सकती है जिसको लेकर पुलिस बारीकी और गहनता के साथ जांच पड़ताल में जुटी है। गौरतलब हो कि मोहम्मदपुर खाला थाना इलाके के एक गांव में दिन शुक्रवार आधी रात को 16 वर्ष की किशोरी का शव घर के अंदर बिस्तर पर संदिग्ध परिस्थितियों पड़ा मिला। गले में फंदे पर लटकने जैसे काले निशान थे। मृतका के भाई ने गांव के ही एक युवक व उसके परिजनों पर दुष्कर्म के बाद हत्या करने का केस दर्ज कराया है। जबकि दोनों परिवारों के बीच 11 दिन पहले भी विवाद हुआ था। उधर सीओ जगतराम कनौजिया ने बताया कि देर रात आई पोस्टमार्टम रिपोर्ट में फंदे से लटकने के कारण मौत होने की बात सामने आई है। तहरीर के आधार पर पुलिस पूरे मामले की छानबीन कर रही है। और चार फरवरी को भी दो परिवारों के बीच मारपीट व दुष्कर्म के प्रयास की घटना सामने आई थी। जो एक गांव निवासी विजय ने किशोरी के भाई पर मारपीट का आरोप लगाते हुए केस दर्ज कराया था।

 

किशोरी की भाभी ने जनसुनवाई पोर्टल पर की थी शिकायत

 

तो वही 6 फरवरी को किशोरी की भाभी ने जनसुनवाई पोर्टल में शिकायत कर बताया था कि चार फरवरी को वह घर में किशोरी के साथ अकेले थी। इस दौरान घर में जबरन घुसे विजय ने किशोरी को जमीन पर गिराकर छेड़छाड़ व दुष्कर्म का प्रयास किया। किशोरी की भाभी ने मौके पर ही विजय को पकड़ लिया था। जिस पर उसने अपने परिजनों को बुलाकर घर में तोड़फोड़ की। मामले की जांच के दौरान ही शुक्रवार आधी रात को किशोरी की मौत हो गई। पुलिस को शव बिस्तर पर मिला। किशोरी के भाई ने पुलिस को दी तहरीर में बताया कि रात में गांव के विजय व उसके परिजनों ने बहन के साथ दुष्कर्म करने के बाद उसकी हत्या कर दी। बताया कि घटना को अंजाम देने के दौरान उसकी पत्नी के कमरे का दरवाजा बाहर से बंद कर दिया था। वही आगे सीओ ने बताया कि परिजनों की तहरीर के आधार पर विजय व उसके आठ परिजनों के खिलाफ केस दर्ज किया गया है। आरोपी को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। घटना के वक्त घर पर मृतका के दो भाईयों में छोटा भाई कही बाहर था और दूसरा भाई ससुराल गया था। घटना के दौरान घर में किशोरी, उसकी छोटी बहन और भाइयों की दोनो पत्नियां मौजूद थी।

 

क्या किशोरी को उकसाने पर आत्महत्या करने को किया मजबूर

 

घटना के बाद से तहकीकात में जुटी हुई पुलिस अनेकों बिंदुओं पर जांच कर रही है। जिसके चलते स्थानीय पुलिस शुरू से घटना को आत्महत्या बता रही थी। उधर हैंगिंग की पुष्टि होने के बाद पुलिस ने भी आत्महत्या के साक्ष्य जुटाने में तेजी की। जिसमें पुलिस को कुछ आडियो रिकार्डिंग मिले है। जिसमें उसकी भाभी, पहले फांसी से झूलने की बात कह रही है। लेकिन दूसरी ओर से, किशोरी की हत्या करने के साथ आरोपियों को फसाने सबक सिखाने की बात बोली जा रही है। मिले चार आडियो में पहले किशोरी को बयान बदलने,दूसरे में फांसी की सूचना दिए जाने के संग ही दो आडियो रिकार्डिंग में योजनाएं बनाएं जाने की वार्ता दो लोग के बीच मोबाइल फोन से हुई है। पुलिस को मिले साक्ष्य में घटना के एक दिन पहले, भाभी से ननद के बीच हुए झगड़े, और पहले की घटना के बयान बदलने के कारण निरंतर झगड़े के कारण उकसाने पर आत्महत्या करना का साक्ष्य हासिल हुआ है।पुलिस समस्त साक्ष्य को चर्चसीट में शामिल करेगी। इस हत्या की कहानी में भाई भाभी और एक मौसी का नाम प्रकाश में आ रहा है।

 

किशोरी का दूसरे दिन हुआ अंतिम संस्कार

 

शनिवार की देर शाम पहुंचे शव को घर वालों ने भाई के आने की बात बोल अंतिम संस्कार से इंकार किया। रविवार को पुलिस संस्कार के लिए जब कहती है तब परिवारजन कहते है हम लोगो को ही तो न फसा दिया जाएगा। जिसको लेकर परिजनों ने लिखित में देने की मांग किया। जिसमें पुलिस ने लिखित किया कि भाई एवं भाभी को बिना साक्ष्य कोई कार्रवाई नहीं करेगी। लिखित मिलने पर रविवार की दोपहर बाद शव का अंतिम संस्कार हुआ है। इस मौके पर सूरतगंज चौकी प्रभारी श्रीराम शुक्ला के साथ भारी संख्या में पुलिस वहां मौजूद रही।

 

थाना प्रभारी जगदीश प्रसाद शुक्ला के मुताबिक निरंतर उकसाए जाने के कारण किशोरी ने आत्महत्या किया है।जिसके पीछे भाई और भाभियों के संग में उसकी मौसी की भूमिका संदिग्ध है। जिसके वार्ता के कुछ आडियो भी साक्ष्य के रूप में हासिल हुए है।प्रत्येक बिंदुओ पर जांच के बाद घटना का अनावरण किया जाएगा।

 

 

किशोरी की इस मौत के महापाप में कितने किरदार

 

किशोरी की संदिग्ध मौत में क्या पुलिस लापरवाही का नतीजा है जिसमें सुनवाई न होने की वजह से किशोरी को मजबूर होना पड़ा, जिससे हल्का केस और कार्यवाही न होने पर और गंभीर बनाने के लिए घरवालों का दबाव माना जाए। वहीं बताया जाता है कि केस और कार्यवाही के लिए 10 से 12 दिन से पुलिस के चक्कर काटे जा रहे थे, तथा अभियुक्तों की उलाहना देना कई संकेत है, हालांकि इस महापाप के कितने भागीदार होंगे समय पर तक तय हो जाएगा, सूत्री के मुताबिक इन दोनो परिवारों का पुलिस के पास कई दिनों से यह मामला था, फिर भी जान चली गई। चार फरवरी को विजय ने किशोरी के भाई पर मारपीट का आरोप लगाते हुए केस दर्ज कराया था जबकि किशोरी की भाभी ने आरोप लगाया कि विजय ने किशोरी से दुष्कर्म का प्रयास किया। परिजनों ने बुलाकर घर में तोड़फोड़ की। एसएचओ जगदीश प्रसाद शुक्ला के अनुसार जांच में किशोरी ने अपने बयान में दुष्कर्म का प्रयास न होने की बात कही थी। ग्रामीणों में चर्चा है कि पुलिस शुरू में ही मामले को गंभीरता से लेती तो किशोरी की जान भी बच सकती थी। अब देखना है शीर्ष अधिकारी इसमे क्या निर्णय निकालते हैं। और क्या कार्रवाई होती हैं।

रिपोर्ट: सत्यवान पाल

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